आज कल मिट्टी की उपजाऊ क्षमता कम होने से उत्पादन घट रहा है। टीमेक्स धरतीवीटा मिट्टी का 'शुद्धिकरण' करता है और उसे फिर से उपजाऊ बनाता है। इसके नियमित इस्तेमाल से आपकी कृषि उत्पादन क्षमता तीन गुना (3 times) तक बढ़ सकती है, क्योंकि यह पौधे को मिट्टी से पूरा पोषण दिलवाता है।
जी हाँ। अक्सर कमजोरी के कारण फसल अपने फूल और फल गिरा देती है। धरतीवीटा में मौजूद पोटाश (K2O: 7-10%) और पोषक तत्व पौधे को ताकत देते हैं। इससे न केवल फूल-फल गिरना बंद होते हैं, बल्कि फलों का आकार (Size) भी बढ़ता है और फसल शानदार होती है।
रसायनों के कारण मिट्टी सख्त हो गई है जिसमें केंचुए पनप नहीं पाते हैं। टीमेक्स धरतीवीटा मिट्टी का pH लेवल संतुलित करता है और मिट्टी को नरम बनाता है। इससे खेत में केंचुए वापस आकर काम करना शुरू कर देते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, ये केंचुए आपके खेत में लगभग 2 लाख रुपये तक का प्राकृतिक खाद मुफ्त में बना सकते हैं।
यह 'टू-इन-वन' (2-in-1) प्रोडक्ट है, आप इसे दोनों तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं:
स्प्रे (Spray): 15 लीटर के पंप में सिर्फ 10 ग्राम पाउडर मिलाकर फसल पर छिड़काव करें। या
ज़मीन में (Soil Application): 1 किलो टीमेक्स धरतीवीटा को मिट्टी या गोबर की खाद में मिलाकर 1 एकड़ खेत में फेंक दें (बिखेर दें)।
ह्यूमिक एसिड पौधों की 'सफेद जड़ों' (White Roots) को तेजी से बढ़ाता है। जितनी ज्यादा जड़ें होंगी, पौधा ज़मीन से उतना ही ज्यादा खाना और पानी उठा पाएगा। 70-75% की मात्रा इसे बाज़ार के अन्य उत्पादों से बहुत ज्यादा पावरफुल बनाती है।
बिल्कुल। जब पौधा अंदर से मजबूत होगा, तो उस पर रोग और कीड़े कम लगेंगे, जिससे दवाइयों का खर्चा बचेगा। साथ ही, मिट्टी उपजाऊ होने के कारण आपको बार-बार महंगे रासायनिक उर्वरक (Chemical Fertilizers) डालने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
हाँ। इसमें Fulvic Acid (10-12%) भी है, जो भोजन को पौधे के हर हिस्से तक पहुँचाता है। इससे फसल का दाना या फल मोटा, वजनदार और चमकदार बनता है, जिससे मंडी में भाव अच्छा मिलता है।
फुल्विक एसिड पौधों के लिए एक 'ट्रांसपोर्टर' (वाहन) का काम करता है। मिट्टी में खाद तो होती है, लेकिन पौधे उसे ले नहीं पाते। फुल्विक एसिड उन पोषक तत्वों को पकड़कर पौधे के तने, पत्तियों और फलों तक पहुँचाता है। आसान भाषा में, यह पौधे की भूख बढ़ाता है और खाना पचाने में मदद करता है।
जी हाँ। यह "pH को बनाए रखने में मदद करता है"। जब मिट्टी का pH संतुलित होता है, तो फसल बिना किसी रुकावट के बढ़ती है। यह मिट्टी के खारेपन या अम्लीयता (Acidity) को न्यूट्रल करने में मदद करता है, जिससे बंजर होती ज़मीन भी फिर से सोना उगलने लगती है।
हाँ, आप इसे रासायनिक खाद के साथ मिलाकर डाल सकते हैं। दरअसल, जब आप धरतीवीटा को कोटिंग (Coating) करके यूरिया/डीएपी के साथ डालते हैं, तो खाद की क्षमता बढ़ जाती है और वह बेकार नहीं जाती। इससे आपको कम खाद में भी अच्छा रिजल्ट मिलता है।
K2O का मतलब है पोटाश। यह फलों की गुणवत्ता (Quality) के लिए जिम्मेदार होता है। यह फलों में चमक, स्वाद और वजन बढ़ाता है। धरतीवीटा में 7-10% पोटाश प्राकृतिक रूप में है, जो दाने को भरने और फलों को अच्छे आकार का बनाने में मदद करता है।
जी हाँ, यह एक "आधुनिक और अनुसंधानित" (Researched) उत्पाद है जो गेहूँ, धान, गन्ना, सब्जियां, दालें और बागवानी (फलों) जैसी सभी प्रकार की फसलों के लिए उपयुक्त है। हर फसल को अच्छी जड़ें और पोषण चाहिए, जो धरतीवीटा प्रदान करता है।