साधारण नीम तेल को निकालते समय गर्मी या केमिकल का इस्तेमाल होता है, जिससे नीम के औषधीय गुण (Phytochemicals) नष्ट हो जाते हैं। 'कोल्ड-प्रेस्ड' का मतलब है कि तेल को बिना गर्म किए, भारी दबाव डालकर निकाला गया है। इससे इसकी ताकत (Potency) और क्षमता कई गुना बढ़ जाती है और यह कीड़ों पर ज्यादा असर करता है।
यह एक 'ब्रॉड स्पेक्ट्रम' (Broad Spectrum) कीटनाशक है।
कीड़े: यह थ्रिप्स (Thrips), माइट्स, सफेद मक्खी (White fly), एफिड्स (Aphids) और जैसिड्स जैसे रस चूसने वाले कीड़ों को मारता है।
बीमारियाँ: यह फंगस (फफूंद) जैसे 'येलो मोज़ेक', 'लीफ स्पॉट' और 'पाउडरी मिल्ड्यू' से फसल को बचाता है।
निर्देश: "नाजुक फसलें जैसे प्याज, टमाटर, मिर्च और लहसुन" को छोड़कर ही बाकी फसलों पर इसका इस्तेमाल करें। इन फसलों के पत्ते बहुत कोमल होते हैं और तेल की सांद्रता (Concentration) से जल सकते हैं।
अन्य सभी फसलों के लिए: 15 लीटर पानी वाले पंप में 40 मिलीलीटर (40ml) टीमेक्स नीम ऑयल अच्छी तरह मिलाएं और छिड़काव करें।
नहीं, यही इसकी खूबी है। रासायनिक कीटनाशक मधुमक्खियों को मार देते हैं, लेकिन टीमेक्स नीम ऑयल "मित्र कीटों" (Friendly insects) के लिए सुरक्षित है। यह परागण (Pollination) में मदद करने वाले कीड़ों को नुकसान नहीं पहुँचाता, जिससे पर्यावरण का संतुलन बना रहता है।
हाँ। यह मिट्टी से होने वाली बीमारियों और नेमाटोड (Nematode/Worm diseases) पर बेहतरीन नियंत्रण प्रदान करता है। अगर खेत में नेमाटोड की समस्या है, तो यह बहुत फायदेमंद है।
जी हाँ। चूंकि यह 100% ऑर्गेनिक और नॉन-टॉक्सिक (Non-toxicity) है, इससे इंसानों की सेहत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता। साथ ही, यह पर्यावरण में कोई जहरीला अवशेष (Residue) नहीं छोड़ता, जिससे हमें शुद्ध और जहर-मुक्त अनाज मिलता है।
हाँ। यह न केवल कीड़ों को मारता है, बल्कि यह "पत्तियों की बनावट और रंग" (Foliage texture and color) को बनाए रखने में भी मदद करता है, जिससे फसल हरी-भरी और स्वस्थ दिखाई देती है।
इसमें कोई जहरीली चीज नहीं है, बल्कि यह कीड़ों के 'हार्मोन' पर असर करता है। यह एक "एन्टी-फीडेंट" (Anti-feedant) है। इसे छिड़कने के बाद, कीड़ों को पत्तियां कड़वी लगती हैं और वे खाना बंद कर देते हैं। साथ ही, यह कीड़ों के प्रजनन (Reproduction) को रोक देता है, जिससे उनकी अगली पीढ़ी पैदा नहीं होती और धीरे-धीरे पूरा सफाया हो जाता है।
जी हाँ, और यही सबसे अच्छा तरीका है! इसे 'बचाव' के तौर पर इस्तेमाल करना सबसे फायदेमंद है। अगर आप हर 15 दिन में इसका हल्का छिड़काव करते रहें, तो थ्रिप्स और सफेद मक्खी जैसे कीड़े आपके खेत के पास भी नहीं फटकेंगे और आपकी फसल हमेशा सुरक्षित रहेगी।
रासायनिक कीटनाशक मिट्टी में गिरकर वहां के अच्छे जीवाणुओं को मार देते हैं। लेकिन टीमेक्स नीम ऑयल पूरी तरह ऑर्गेनिक है। यह मिट्टी में गिरकर सड़ जाता है और खाद का काम करता है, जिससे मिट्टी की उपजाऊ क्षमता खराब नहीं होती।
हाँ। रासायनिक दवाओं का असर 15-20 दिन तक रहता है, इसलिए उन्हें छिड़ककर फसल काट नहीं सकते। लेकिन टीमेक्स नीम ऑयल नॉन-टॉक्सिक (जहर मुक्त) है। इसके छिड़काव के 3-4 दिन बाद ही आप सब्जियों या फलों की तुड़ाई कर सकते हैं, यह खाने वालों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।
हाँ। विवरण के अनुसार यह "Fruiting and Flowering capabilities" को बनाए रखता है। जब पौधा कीड़ों और बीमारियों के तनाव (Stress) से मुक्त होता है, तो वह अपनी सारी ताकत फल और फूल बनाने में लगाता है, जिससे पैदावार अच्छी होती है।